केरल में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री केरल सरकार

तिरुवनंतपुरम, 30 मार्च: मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आज प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा और उनका हर खयाल रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने रविवार को कोटयम में प्रवासी मज़दूरों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बारे में कहा कि राज्य में इन मज़दूरों के लिए 5278 कैंप खोले गए हैं, जहां इन्हें हर ज़रूरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। “मज़दूरों की मांग थी कि उन्हें अपने राज्य का खान-पान दिया जाए, तो हमने उसकी भी व्यवस्था कर दी है। लेकिन उनकी घर वापस लौटने की मांग को इस वक़्त पूरा नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपील की है कि आप जहां हैं, वहीं रहिए। इन्हें यहां रोकना हमारा फ़ैसला नहीं है। हमें शक है कि इन मज़दूरों को किसी ने अपने निजी स्वार्थ के लिए उकसाया है। और प्रारंभिक जांच में यह साफ़ हो गया है कि यह कोरोनावायरस के ख़िलाफ़ हमारे प्रयासों को पछाड़ने की कोशिश है। पुलिस इसकी आगे जांच करने में जुटी है,” मुख्यमंत्री ने कहा।


सामान्य तौर पर इन मज़दूरों के ठेकेदारों की ज़िम्मेदारी होती है कि वह उनके खान-पान का खयाल रखें। इस समय ऐसा नहीं हो पा रहा है। लेकिन सरकार ने हर ज़रूरी सुविधा उन्हें मुहैया कराने के लिए क़दम उठाए हैं। जो मज़दूर खुद खाना बनाना चाहते हैं, उन्हें आटा, दाल और सब्ज़ियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। मौजूदा हालात में वह पूरा दिन कैंपों में ही रहने को मजबूर हैं, ऐसे में उनके मनोरंजन की सुविधा भी की जाएगी। कैंपों की ज़िम्मेदारी ज़िला कलक्टरों के पास है, लेकिन ज़िला पुलिस प्रमुख और ज़िला श्रम अधिकारी भी कैंपों में उपलब्ध सुविधाओं का जायज़ा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रवासी मज़दूरों को गुमराह करने वाले संदेश भेजने के जुर्म में आज एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है। मलप्पुरम में भी दो व्यक्तियों के ख़िलाफ़ फ़ेक न्यूज़ फैलाने के लिए केस दर्ज किए गए हैं। “हम प्रवासी मज़दूरों का पूरा खयाल रख रहे हैं। हिंदी बोलने-समझने वाले होम गार्ड्स की मदद से इनकी दिक्कतें समझने और उन्हें सुलझाने की कोशिश हो रही है। हिंदी, उड़िया और बंगाली में प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
केरल में कोविड-19 के आज 32 नए केस, कुल मामले 213
केरल में आज कोविड-19 के 32 नए केस सामने आए हैं। इनमें से 17 मरीज़ हाल ही में विदेश से लौटे हैं, जबकि 15 को ये बीमारी संपर्क से हुई है। नए मामलों में 17 कासरकोड में हैं, 11 कन्नूर में और दो-दो मामले वायनाड और इडुक्की से हैं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया, “आज पॉज़िटिव पाए गए मामलों के साथ राज्य में कोरोनावायरस से ग्रस्त लोगों की संख्या 213 हो गई है। फ़िलहाल 1,57,503 लोग आइसोलेशन में हैं। इनमें से 563 अस्पताल में आइसोलेट किए गए हैं। आज अस्पतालों में 126 नई भर्तियां हुई हैं।”
कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा जांच की ज़रूरत है, इसके लिए रैपिड टेस्टिंग की सुविधा शुरु की जा रही है। राज्य में 1,034 में से 1,031 स्थानीय निकायों में कुल 1,213 सामुदायिक रसोई काम कर रही हैं। रविवार को इनसे 1,54,258 लोगों को भोजन दिया गया, जिसमें 1,37,930 लोगों को मुफ़्त भोजन दिया गया।
‘कोविड-19 से ग्रस्त भारत लौटे प्रवासी भारतीयों से न करें भेदभाव, वह हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं’
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य के लोगों से अपील की कि वह देश लौट रहे प्रवासी भारतीयों के साथ भेदभाव न करें। हाल ही में कई प्रवासी भारतीय विदेश से कोविड-19 लेकर लौटे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "जब आप बीमार पड़ते हैं, तो आप घर आना चाहते हैं। यह लोग और कहां जाएंगे? यह हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, ज़रूरी है कि हम उनके साथ भेदभाव न करें।"