ACB की कार्यवाई से हिल उठा परिवहन विभाग, बंधी के रूप में चल रही थी घूसखोरी

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से परिवहन विभाग में मासिक बंधी के रूप में चल रहे घूसखोरी के बड़े खेल से पर्दा उठाने की कार्रवाई के बाद विभाग में जबर्दस्त हड़कंप मचा हुआ है. गत करीब 4 महीने से एसीबी के अधिकारी परिवहन विभाग के इन अधिकारियों और दलालों पर पैनी नजर बनाये हुए थे. सभी शिकायतों का तकनीकी एवं मानवीय रूप से सत्यापन होने के बाद ब्यूरो की 17 टीमों ने रविवार जब ताबड़तोड़ कार्रवाई की तो परिवहन विभाग हिल उठा. देर रात तक 1 करोड़ 20 लाख रुपए की नगदी, प्रोपर्टी और अन्य दस्तावेज बरामद किए जा चुके थे और सर्चिंग की कार्रवाई चल रही थी.
यह अधिकारी पहले भी चर्चा में रहते आए हैं
एसीबी के इस कार्रवाई की जद में आए नवीन जैन हाईकोर्ट के आदेश पर परिवहन उप निरीक्षक के रूप में कार्यरत हैं. वरिष्ठ निरीक्षक शिवरचरण मीणा भी है कई महत्वपूर्ण स्थानों पर रह चुके हैं. रतनलाल मीणा परिवहन निरीक्षक शुरू से चर्चा में रहे हैं. आलोक बुढानिया ने परिवहन उप निरीक्षक के रूप में 2016 में ज्वाइन किया था. डीटीओ मुख्यालय महेश शर्मा पूर्व में तत्कालीन परिवहन मंत्री यूनुस खान के खासमखास थे. 5 वर्ष तक डीटीओ एन्फोर्समेन्ट जयपुर के पद पर रहने के दौरान बहुत ज़्यादा शिकायतों के बाद वर्तमान मंत्री ने उनको मुख्यालय लगाया था. भरतपुर निवासी उदयवीर सिंह चौधरी ने 2013 में परिवहन विभाग में ज्वाइन किया था. तब से जयपुर-शांहजहांपुर इलाके में पोस्टिंग रही है. वर्तमान में शाहपुरा (जयपुर) डीटीओ ऑफिस में कार्यरत हैं.
ये अधिकारी आए कार्रवाई की जद में
कार्रवाई के दौरान पहले परिवहन निरीक्षक उदयवीर सिंह को दलाल मनीष मिश्रा से 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. मनीष के पास से अन्य अधिकारियों को मासिक बंधी के तौर पर दिए जाने के लिए रखे गए 1 लाख 20 हजार रुपए भी जब्त किए गए हैं. उसके बाद कार्रवाई कर डीटीओ शाहजहांपुर गजेन्द्र सिंह, डीटीओ चौमू विनय बंसल, डीटीओ मुख्यालय महेश शर्मा, परिवहन निरीक्षक शिवचरण मीणा, उदयवीर सिंह, आलोक बुढानिया, नवीन जैन और रतनलाल को निरूद्ध कर इनके ठिकानों की सर्चिंग शुरू करवाई गई.