मगध विश्वविद्यालय एवं ब्राउस के बीच हुआ एम ओ यू

ज्ञान विज्ञान के उन्नयन को मिलेगा नया आयाम। प्रो आशा शुक्ला।

महू। सनातन धर्म में लक्ष्मी की पूजा के पूर्व संध्या पर आधारित धनतेरस के दिन मगध विश्वविद्यालय बोधगया और बी आर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू के बीच ज्ञान विज्ञान, शोध और नवाचार के विस्तार के लिए आपसी सहमति पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ पीके वर्मा तथा डॉ अजय वर्मा ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संबोधित करते हुए ब्राउस के कुलपति प्रो आशा शुक्ला ने कहा की दोनों विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्व के बोध से जुड़े हुए हैं और यह एमओयू एक ऐतिहासिक क्षण है। महू बाबा साहेब आंबेडकर की जन्मस्थली और सिद्धार्थ गौतम की ज्ञानस्थली के बीच गंभीर शास्वत सांस्कृतिक रूप से जुड़ा है। दोनों की पृष्ठभूमि एक होगी और ज्ञान विज्ञान के विस्तार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे बढ़े हैं। हम बुद्ध से जुड़े सभी स्थलों से जुड़कर ज्ञान विज्ञान के नए आयाम को स्थापित कर सकेंगे। इसके लिए हमारा प्रयास लगातार जारी है।
इस अवसर पर मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय के बीच यह अनुबंध पत्र ज्ञान विज्ञान के प्रसार में मील का पत्थर साबित होगा। भारत में ज्ञान समाज को स्थापित करने में हम कैसे सफल हो सकते हैं इस पर निरंतर प्रयास जारी है दोनों विश्वविद्यालयों के शोधार्थी शिक्षक शोध और नवाचार को एक नया आयाम देने में आगे आएंगे। बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय जहां सामाजिक चेतना को एक नया रूप देने वाले बाबा साहब का जन्म हुआ था उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए और समाज के बीच प्रसारित करने के लिए ज्ञान और मोक्ष की भूमि एक साथ खड़े हो रहे हैं। यह देश और समाज के लिए काफी उपयोगी होगा ऐसा मेरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व है कि जब देश इस दिशा में आगे जा रहा है तो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ज्ञान के अधिगम की परंपरा को स्थापित करें। मुझे पूर्ण विश्वास है की टीचिंग लर्निंग को आगे बढ़ाने में सफल साबित होंगे। भारत की मेधा शक्ति को समृद्धि कर देश और दुनिया के लिए उपयोगी बनाएंगे। ज्ञान की सभी शाखाओं को परिष्कृत कर एक नए परिवेश पैदा करेंगे ब्रह्मांड के अनंत विस्तार में ज्ञान से पवित्र कोई और वस्तु नहीं है। ज्ञानार्जन की प्रतिस्पर्धा में शामिल होकर एक नया अध्याय लिखेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग से ज्ञान के संचय, विस्तार और प्रसार का मार्ग प्रशस्त होगा।आयोजित वेब कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष प्रो डी के वर्मा ने  स्वागत करते हुए कहा कि आज अंबेडकर की जरुरत लिए भी के बीच समागम हो रहा है यह समागम ज्ञान विज्ञान को साझा कर समाज और देश के लिए उपयोगी साबित होगा।दोनों विश्वविद्यालयों के लिए ऐतिहासिक क्षण पर मौजूद मुंगेर विश्वविद्यालय की पूर्व प्रति कुलपति प्रो कुसुम कुमारी ने कहा कि अंबेडकर की भूमि महू और मगध की ज्ञानस्थली का समन्वय हो रहा है यह मेरे लिए अत्यंत खुशी का क्षण है। उन्होंने कहा कि जब इरादे नेक होते हैं तो रास्ते खुद ब खुद निकल आते हैं। आज का दिन ज्ञान के धनतेरस के रूप में याद किया जाएगा।
 कार्यक्रम का संचालन करते हुए ब्राउस जगजीवन राम चेयर के प्रो शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा की ज्ञान के विस्तार के लिए सहयोग आवश्यक है। दो शिक्षण संस्थाओं के साथ जुड़ा एक नया अध्याय लिखेगा। बोधगया से महू: ज्ञान विज्ञान समागम के के साक्षी के रूप में प्रो आर के शुक्ला, प्रो देवाशीष देवनाथ, प्रो कमला उपाध्याय, प्रो एम एन अंजूम, प्रो ब्रजेश राय, डॉ के के मिश्र, डॉ मनीषा सक्सेना, विल्सन मानक्किल, डॉ निशा अग्रवाल, विशाल बनारसी, प्रो एस एन चौबे, डॉ अजीत सिंह आदि लोग मौजूद रहे। प्रो विनोद कुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।