ईपीपी कम्पनी की पाइपलाइन के कारण बर्बाद होता हजारों लीटर पानी- ललित दुबे


ओंकारेश्वर ( ललित दुबे )ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर से खरगोन जिले के सेल्दा पावर प्लांट तक पानी पहुचाने के लिए डाली गई ई पी पी कम्पनी के कर्ताधर्ता ओं की लापरवाही से अनियमितताएं आए दिन परेशानी का कारण बनती है के समीप ग्राम गुंजारी पुनर्वास के निकट पाइपलाइन पिछले 4 दिनों से लीकेज होने के कारण हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है ग्राम पंचायत कोठी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गुंजारी पुनर्वास के समीप से गुजरकर 42 किलोमीटर दूर सेल्दा पावर प्लांट तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुँचाया जा रहा है। चार दिनों से लीकेज पाइपलाइन के लीकेज होने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह निकला। जिसको देखते हुए पत्रकारों द्वारा जनहित में खबर प्रकाशित की थी।जिसके बाद सेल्दा पावर प्लांट के जिम्मेदार कर्ताधर्ताओं की कुंभकरण इन निंद्रा नहीं खुल रही है बार-बार जेसीबी से गड्ढा करने के बाद लीकेज को ठीक करने का काम शुरू किया जाता है और खानापूर्ति कर फर्जी बिल निकाले जाते हैं नदी पर जाने वाले रास्ते पर पानी ही पानी होने से लोगों को आवागमन की परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने हमारे संवाददाता से चर्चा में कहा कि मीडिया के प्रयासों से ही जनहित की समस्या का जल्दी ही त्वरित निराकरण हो जाता है। अन्यथा सेल्दा प्लांट एवं अन्य एजेंसियों द्वारा ग्रामीणों को हमेशा परेशान करते हैं उल्लेखनिय है कि सेल्दा पावर प्लांट के अधिकारियों की मनमानी के चलते पूर्व में मनमानी पूर्ण किया गया अधूरा निर्माण कार्य लाखों रुपये की लागत से बन रही पानी की टंकी नर्मदा नदी में डूबी पड़ी है। जब हमारे संवाददाता द्वारा सेल्दा प्लांट के महेश जोशी व अन्य अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा करने का प्रयास किया जाता है तो उनके द्वारा मोबाइल नहीं उठाया जाता है करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली पानी की टंकी लापरवाही की भेंट चढ़ी हुई वर्तमान नर्मदा नदी में डूबी हुई है एजेंसी द्वारा फिर से पानी की टंकी का निर्माण कर जनता के गाढ़े पैसे की कमाई का दुरुपयोग करने में लगे हैं ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सेल्दा प्लांट में चल रही अनियमितता व धांधली से अवगत कराया कर निष्पक्ष जांच की मांग की है.