जाने, क्या सफेद बाल तोड़ने व कलर करने से बढ़ जाते हैं सफेद बाल?

ये काली, घनी जुल्फें तुम्हारी खूबसूरती में इजाफा कर जाती हैं. अकसर स्त्रियों के बाल उनकी सुंदरता की कहानी बयां करते हैं. ऐसे में असमय उन पर सफेदी की दस्तक पर फ्रिक होना लाजिमी है. इसकी कई वजहें हो सकती हैं. क्या आप भी इस जमात में शामिल हैं? अगर हां, तो संभव है कि आप भी कई सवालों व उनके जवाबों की कशमकश में खुद को फंसा पाती होंगी. यकीनन इस उलझन को आने से रोका तो नहीं जा सकता, पर कुछ बातों की जानकारी हासिल कर तनाव व बेवजह की गलतियों के लिए खुद को दोषी मानने से जरूर बचा जा सकता है.


कब व क्यों होते हैं बाल सफेद?
स्कीन रोग विशेषज्ञ डाक्टर कुलदीप शर्मा कहते हैं कि एक वक्तथा, जब बाल 40 से 50 वर्ष की आयु में सफेद हुआ करते थे. पर अब बढ़ते प्रदूषण, तनाव, बिगड़ी हुई जीवनशैली व तमाम अन्य करणों से हर वस्तु समय से पहले होने लग गई है. तो भला बाल इससे अछूते कैसे रह सकते हैं. अब बात आती है कि आखिर बाल सफेद होते क्यों हैं? पहला कारण है, बढ़ती उम्र. ऐसे में बालों को काला रंग देने वाला पिंग्मेंट मिलानिन बनना कम हो जाता हैं व बाल सफेद हो जाते हैं.


अधेड़ आयु में बालों के सफेद होने का कारण है, तनाव व बिगड़ी हुई दिनचर्या, जिसके चलते हमारे शरीर को महत्वपूर्ण पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, आयरन, बी-12, जिंक आदि नहीं मिल पाते व समय से पहले ही बाल पक जाते हैं. बालों के जल्दी सफेद होने का एक कारण वंशानुगत भी होता है. यानी अगर आपके घर में आपके माता-पिता या किसी व के बाल जल्दी सफेद हुए हैं तो संभव है कि आपके बाल भी जल्दी सफेद हो जाएं. डिप्रेशन, मलेरिया की दवाएं व कुछ खास एंटीबायोटिक्स लंबे समय तक खाने से भी बाल सफेद हो सकते हैं.


क्या बाल तोड़ने से बढ़ते हैं सफेद बाल?
सफेद बाल दिखा व तोड़ दिया. ये क्या किया, अब बाल तेजी से सफेद होने लग जाएंगे. यह आपने भी सुना होगा. अकसर लोग मानते हैं कि सफेद बाल तोड़ने से उनका पानी दूसरे बालों में लग जाता है व बाल तेजी से सफेद होने लग जाते हैं. पर जानकारों की मानें तो ऐसा होता नहीं है, यह बस एक भ्रांति है.


कलर लगाने से बाल सफेद होते हैं?
एक आम धारणा है कि एक बार कलर लगाया तो बार-बार लगाना पड़ेगा व बाल सफेद होने लग जाएंगे. पर यह धारणा भी गलत है. बीनू कहती हैं कि बाल जड़ों से सफेद होते हैं. जब हम कलर लगाते हैं तो वह बालों पर लगता है, न कि बालों की जड़ों पर. हमारे रोम छेद इतने छोटे होते हैं कि उनसे अंदर कुछ भी नहीं जाता. यह संभव है कि अधिक केमिकल होने के कारण बाल बेजान व रूखे हो जाएं, पर उसका सफेद बालों से कुछ भी लेना-देना नहीं है. कलर को लेकर एक भ्रांति यह भी कि अमोनिया फ्री कलर ही अच्छे होते हैं. यहां यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि बालों में तीन लेयर होती हैं व अमोनिया पहली लेयर यानी क्यूटिकल को हटाकर दूसरी लेयर पर रंग चढ़ने में मददगार होता है.