एवटेक लिमिटेड नहीं कर रही है श्रमिकों की वेतनवृद्धि

एवटेक लिमिटेड के धर्मपाल अधिकारी & श्रमिक संगठन अध्यक्ष राजेश चौबे ने बताया कि एवटेक लिमिटेड, पीथमपुर जिला धार द्वारा उसके कार्यरत श्रमिकों की वेतनवृद्धि कंपनी घाटे होने का बहाना बताते हुए नहीं कर रही थी, जिसका निराकरण माननीय औद्योगिक न्यायाधिकरण इंदौर द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के पशचात कंपनी मुनाफे में होना बताते हुए श्रमिकों को 10000 रूपये की वेतनवृद्धि तीन वर्ष के लिए दी गई । जिसके विरूद्ध कंपनी ने हाय कोर्ट इंदौर में याचिका व पुनर्याचीका प्रस्तुत की, जिसे हाय कोर्ट द्वारा खारिज किया गया जिससे दुर्भावना रखते हुए कंपनी द्वारा 217 श्रमिकों को छंटनी
करने बावद श्रमायुक्त इंदौर के यहां आवेदन दिनांक 25.10.2019 प्रस्तुत किया जिससे श्रमायुक्त के आदेश दिनांक 19.12.2019 द्वारा अमान्य किया गया लेकिन कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश सरकार से मिली भगत करते हुए विधि विधान के विरूद्ध जाकर पुनः दिनांक 23.12.2019 से 217 श्रमिकों की छंटनी करने का आवेदन किया, जिसके लिये श्रमिकों ने माननीय मुख्यमंत्री श्री कमलनाथजी माननीय गृहमंत्री श्री बाला बच्चनजी, माननीय श्रममंत्री सिसोदियाजी, माननीय मंत्री पानसेजी, माननीय मंत्री सिलावटजी एवं माननीय विधायक विशाल पटेलजी को श्रमिकों की व्यथा, बताई, जिसपर उन्होंने आश्वासन देते हुए कहां कि किसी भी श्रमिकों की छंटनी नहीं की जावेगी, लेकिन अचानक श्रमायुक्त द्वारा न्यायालयों द्वारा जिस कंपनी को मुनाफे में बताया उसी कंपनी को घाटे में बताते हुए तथा श्रमिकों को सुनवाई का पूर्ण मौका दिये बिना ही दिनांक 03.02.2020 को आदेश पारित कर 217 श्रमिकों की छटंनी करने का आदेश पारित किया गया जिससे श्रमिकों पर भुखमरी की नौबत आ गई है। श्रमायुक्त के उक्त आदेश को माननीय न्यायालय में संदर्भित करने का श्रमिकों ने निवेदन किया है, उंसके बावजूद श्रमायुक्त उस आदेश को संदर्भित करने में आनाकानी कर रहें है, जिससे यह स्पष्ट है कि कंपनी व सरकार दोनो मिलकर श्रमिकों पर अत्याचार करने में लगी है।