आवारा कुत्तों का प्रकोप जेल रहा है महू शहर

पिछले लगभग 1 साल से महू छावनी परिषद लगातार कुत्तों की नसबंदी पर 11 अभियान चलाए हुए हैं और ऐसा दावा किया जा रहा है कि कुत्तों की संख्या अब बेतहाशा रूप से नहीं बढ़ेगी I लेकिन पिछले कुछ दिनों में आम लोगों को कुत्ते काटने की घटनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं I


कल रात को तो हद ही हो गई जब माल रोड स्थित एक बंगले में एक गाय ने दो बछड़े जन्म दिए I उनमें से एक बछड़े को आवारा कुत्तों ने खाने की कोशिश की हालांकि लोगों ने देखा तो वे उसे बचाने दौड़े I पर जब तक लोग पहुंचते तब तक आवारा कुत्तों ने उस गाय के बच्चे को बुरी तरीके से लहूलुहान कर दिया I गनीमत रही कि लाल जी की बस्ती निवासी कोई सज्जन उस घायल बच्चे को अपने साथ ले गए और उसकी पूरी देखभाल करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने ले ली I


इन बातों से एक बात तो समझ में आती है की छावनी परिषद सफाई को लेकर या कुत्तों को लेकर कोई भी दावा करें वह सही नहीं है