ट्रंप की सुरक्षा में खास है 'CCC' का ग्रीन सिग्नल, इसके इशारे के बाद ही बाहर निकलते हैं राष्ट्रपति

  • सेटेलाइट, सीआईए और सोर्स' के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्ट की सच्चाई परखी जाती है

  • यूएस 'सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी' (सीआईए) के खास सेटेलाइट भारत पहुंचे



    • इन कास अफसरों की जानकारी केवल होती है पीएमओ, विदेश मंत्रालय और एनएसए के पास


     


    विस्तार


    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में 'CCC' की खास अहमियत है। जब तक यहां से इशारा नहीं मिलता, ट्रंप बाहर नहीं निकलते हैं। इस यूनिट को 'सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी' (सीआईए) हेड करती है। 'सेटेलाइट, सीआईए और सोर्स' यानी सीसीसी, ये तीनों इकाई राष्ट्रपति के सुरक्षा घेरे को अभेद बनाती हैं। राष्ट्रपति के विदेश दौरे पर जो ग्राउंड सिक्योरिटी डॉटा रिपोर्ट तैयार की जाती है, उसकी सच्चाई जानने के लिए 'सीसीसी' की मदद लेते हैं। संबंधित देश में लोकल पुलिस और इंटेलीजेंस यूनिट जो भी ग्राउंड रिपोर्ट देती है, उस पर सीआईए अधिक भरोसा नहीं करती। 'सेटेलाइट, सीआईए और सोर्स' के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्ट की सच्चाई परखी जाती है। जब तक यहां से ग्रीन सिग्नल नहीं मिलता, तब तक अमेरिकी राष्ट्रपति बाहर नहीं निकलते।


    दिल्ली स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा रक्षा एजेंसी के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा के लिए यूएस 'सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी' (सीआईए) के खास सेटेलाइट भारत पहुंच गए हैं। इन सभी सेटेलाइट को सीसीसी का हिस्सा माना जाता है। ये सेटेलाइट केवल ट्रंप के दौरे के लिए आए हैं। इन्हें 25 फरवरी तक की मंजूरी मिली है।