लोक अदालत में समझौते के लिए 15 हजार को नोटिस, मप्रपक्षेविविकं ने लगाए 1000 कर्मचारी

इंदौर। राष्ट्रीय लोक अदालत में 8 फरवरी को समझौते के माध्यम से प्रकरणों का समाधान करने के लिए बिजली कंपनी ने बड़े स्तर की तैयारी की है। कंपनी ने मालवा और निमाड़ के एक हजार कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया है। पंद्रह हजार प्रकरणों के समझौते के लिए नोटिस तामिल किए है।


मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल ने बताया कि लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों का समाधान करने के प्रयास चल रहे है। इसके कंपनी स्तर के प्रभारी अधिकारी सीजीएम श्री संतोष टैगोर, सीवीओ श्री कैलाश शिवा बनाए गए है। सभी जिलो में अधीक्षण यंत्री, कार्यापालन यंत्री, सहाय़क यंत्री, कनिष्ठ यंत्री, विधि सहाय़क, लिपिक, लाइन स्टाफ व अन्य कर्मचारी को न्यायालयों के माध्यम से प्रकरणों का समाधान कराने का दायित्व दिया गया है। श्री नरवाल ने बताया कि कंपनी क्षेत्र के सभी 15 जिलों में 44 स्थानों पर लोक अदालतें लगेगी, इनमें प्रकरणों का समाधान उभय पक्ष की सहमति से होगा। लोक अदालतों में बिजली के प्रकरणों में प्री लिटिगेशन स्तर पर सिविल राशि पर 40 फीसदी एवं ब्याज पर 100 फीसद छूट दी जाएगी। लिटिगेशन स्तर पर सिविल राशि में 25 फीसदी एवं ब्याज सौ फीसदी छूट दी जाएगी। अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126, 135, 138 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों में निम्नदाब के सभी घरेलू, सभी कृषि, 5 किलोवाट तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक उपभोक्ता छूट प्राप्त कर सकेंगे।